Category: Deliberation
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वीभत्स होती दुनिया बचाने लायक है या नहीं?
‘अहम ब्रहास्मि. मैं ब्रह्म की धूल हूं. मैं सबसे प्रेम करता हूं. मैं किसी से प्रेम नहीं करता. मैं अघोरी हूं. मैं मुर्दा खाकर जीवित रह सकता हूं. मैंने बार-बार अपने पिता, अपने पुत्र, पत्नी और मां का वध किया है. मैं कलयुग का पुत्र कली हूं. दानव का पुत्र, अधर्म का पिता. मैं कल्कि…
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मनुस्मृति को लेकर अक्सर क्यों विवाद खड़ा हो जाता है?
“एक लड़की हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहनी चाहिए, शादी के बाद पति उसका संरक्षक होना चाहिए, पति की मौत के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए, किसी भी स्थिति में एक महिला आज़ाद नहीं हो सकती.” मनुस्मृति के पांचवें अध्याय के 148वें श्लोक में ये बात लिखी है. ये…