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कौन थे जनरल बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत; उसी यूनिट में तैनात हुए, जिसमें पिता की नियुक्ति हुई थी
देश बुधवार दोपहर एक दुर्घटना की खबर सुनकर सन्न रह गया। दुर्घटना के चंद घंटे बाद धुंध साफ हुई। और जो हकीकत सामने आई उसके बाद देश की आंखें नम हो गईं। तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ। पहाड़ी और जंगली इलाके में हुए इस हादसे में चीफ ऑफ…
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अयोध्या …एक तहजीब के मर जाने की कहानी
कहते हैं अयोध्या में राम जन्में। वहीं खेले-कूदे बड़े हुए। बनवास भेजे गए। लौट कर आए तो वहाँ राज भी किया। उनकी जिंदगी के हर पल को याद करने के लिए एक मंदिर बनाया गया। जहाँ खेले, वहाँ गुलेला मंदिर है। जहाँ पढ़ाई की वहाँ वशिष्ठ मंदिर हैं। जहाँ बैठकर राज किया वहाँ मंदिर है।…
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साहब शहाबुद्दीन: क्या वक़्त की राजनीति के एक प्यादे भर थे ‘सिवान के सुल्तान’
“आसमान में बादल छितराए रहेंगे. बादल टुकडों में उमड़-घुमड़ सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है. अगले कुछ दिनों तक सिवान के प्रतापपुर में मौसम का मिज़ाज कुछ ऐसा ही रहने वाला है. आसमान भी हमारे साथ मातम मना रहा है.” यह कहने वाले उस व्यक्ति ने अपना नाम तो नहीं बताया, लेकिन वह…
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तानाशाहों को भी लोकतंत्र अच्छा लगता है, बशर्ते वो उनके हक में हो!
तानाशाहों को भी लोकतंत्र अच्छा लगता है, बशर्ते वो उनके हक में हो। दुनिया के दो सबसे बड़े तानाशाह हिटलर और मुसोलिनी किसी राजशाही की पैदाइश नहीं थे। वो सभी समाज के गर्भ से निकले तत्कालीन नायक थे। जनता उनके साथ थी। उन्होंने उसी के दम से ताज़ गिराए, तख्त उछाले और फिर संसदों में…
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क्या सच में पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को मारा था?
क्या सच में पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को मारा था? भारत का इतिहास बहुत स्वर्णिम रहा है इसमें कोई शक नहीं है. इस भारत की धरती ने ऐसे-ऐसे शूरवीरों को जन्म दिया है जिनपर हम आज भी गर्व करते हैं. लेकिन इसी इतिहास के पन्नों में कुछ कथाएं इतनी कड़वी हैं जिनको हम भारतीय…
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National Voter’s Day: हर साल क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस? कब हुई थी इसकी शुरुआत? जानें सब कुछ
आज देशभर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय संविधान के मुताबिक, जनता ही इस अनूठे लोकतंत्र की बुनियाद है। जहां सरकार को जनता चुनती है। जिसे 5 साल में एक बार केंद्र और राज्य सरकार चुनने का सीधा अधिकार है। आज उसी जनता का दिन है। तो अब ऐसे में सवाल है…
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Third Battle of Panipat: जब 12 घंटे में मारे गए थे डेढ़ लाख सैनिक और मराठा सेना को मिली थी करारी हार
भारत के इतिहास में 14 जनवरी की तारीख का एक खास महत्व है. 1761 में 14 जनवरी के दिन अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली की सेना और मराठों के बीच पानीपत की तीसरी लड़ाई (Third Battle of Panipat) हुई थी. इस युद्ध को 18वीं सदी के सबसे भयंकर युद्ध के रूप में याद किया जाता…
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Fatima Sheikh: फ़ातिमा शेख़, सावित्री बाई फुले के साथ वंचितों को शिक्षित करने वाली सबसे मज़बूत सहयोगी और साथी शिक्षिका!
आमतौर पर हम अपने पुरखों यानी मर्दों के काम और समाजी योगदान के बारे में ख़ूब जानते हैं. चाहे घर हो या समाज या फिर देश… सदियों से मर्दों के किए गए को ही असली काम और योगदान माना गया. घर में संकटों से बेड़ा पार लगाने वाली महिलाओं को कोई याद नहीं करता. ठीक…
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Safdar Hashmi: नुक्कड़ नाटक को पहचान दिलाने वाले की नाटक करते हुए हत्या हुई, उसी नाटक को 48 घंटे बाद पत्नी ने पूरा किया
सफदर हाशमी (Safdar Hashmi). एक लेखक, शिक्षाविद, नाटककार. नुक्कड़ नाटकों का जन्मदाता. वामपंथी आंदोलन के सांस्कृतिक प्रतिरोध का प्रतीक. श्रम का समर्थक और पूंजीवादी व्यवस्था का विरोधी. ये तमाम विशेषता उसी सफदर हाशमी की है, जिनके नाटकों से तानाशाही व्यवस्था की नींव हिल जाती थी. पूंजीवादी व्यवस्था की नींद उड़ जाती थी. सत्ता के खिलाफ…
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East India Company… कभी भारत गुलाम था, अब उसका मालिक है ये भारतीय
31 दिसंबर वो तारीख है, जब 420 साल पहले ऐतिहासिक कंपनी (East India Company Establishment) बनी थी, जिसने करीब दो सौ सालों तक भारत में कहर ढाया. करीब डेढ़ सौ साल पहले यह कंपनी खत्म हो गई थी और फैक्ट यह है कि नये सिरे से बनी इस कंपनी की कमान अब एक भारतीय के…